Emotionally Speaking



« | »

पानी बचाएँ बने महान: Hindi Poem on the need for Saving Water and Conservation

Save water This is a Hindi poem/slogans on the need for saving water and the need for environmental conservation. You may also click here for a comics on Saving Water. Click here for all the Hindi posts and poems on this blog. Copyright: Vikas, PhD student,  JNU. You are free to share it for non-commercial purposes provided that you attribute it to me. This is one of the most viewed Hindi poems on this site. Also see the poem दिल्ली की गर्मी

पानी तो अनमोल है Save water, save life
उसको बचा के रखिये
बर्बाद मत कीजिये इसे
जीने का सलीका सीखिए

पानी को तरसते हैं
धरती पे काफी लोग यहाँ
पानी ही तो दौलत है
पानी सा धन भला कहां

पानी की है मात्रा सीमित
पीने का पानी और सीमित
तो पानी को बचाइए
इसी में है समृधी निहित

शेविंग या कार की धुलाई
या जब करते हो स्नान
पानी की जरूर बचत करें
पानी से है धरती महान

जल ही तो जीवन है
पानी है गुनों की खान
पानी ही तो सब कुछ है
पानी है धरती की शान

पर्यावरण को न बचाया गया
तो वो दिन जल्दी ही आएगा
जब धरती पे हर इंसान
बस ‘पानी पानी’ चिल्लाएगा

रुपये पैसे धन दौलत
कुछ भी काम न आएगा
यदि इंसान इसी तरह
धरती को नोच के खाएगा

आने वाली पुश्तों का
कुछ तो हम करें ख़्याल
पानी के बगैर भविष्य
भला कैसे होगा खुशहाल

बच्चे, बूढे और जवान
पानी बचाएँ बने महान
अब तो जाग जाओ इंसान
पानी में बसते हैं प्राण 🙂

Posted by on July 6, 2009.

Tags: , , , , , , , ,

Categories: Environment, Kids' Corner, हिन्दी/Hindi Posts

« | »




Recent Posts


Pages