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दिल्ली की गर्मी: A Short Hindi Poem on Delhi Summer

Delhi summer poem comics heat This is a short Hindi poem on Delhi’s painful Summer season that was written before the monsoons arrived. Delhi is famous for both the summer and winter!

MORE ON DELHI: You may click here for  my long poem on Delhi (English), click here for a comics on Delhi summer and here for a comics on the need to save water and power and here for the website of Delhi zoo by me. I am a JNU Student. 🙂 Delhi sweating

दिल्ली की जो गर्मी है
कुछ कर ही नहीं पाएंगे आप
एसी कूलर चला के रखिये
वर्ना उड़ जाएंगे बन के भाप!

पानी की भी किल्लत है
बिजली तो अक्सर जाती है
सूरज आग उगलता है
दिल्ली बहुत सताती है!

पसीना टप-टप चूता है
बदन से आग निकलता है
मई – जून का महिना तो
दिल्ली में काफी खलता है!

जब कपडे गीले हो जाते हैं
मन गुस्से में झल्लाता है
ब्लू लाइन बस में बैठे-बैठे
बारिश की आस लगाता है!

गलती से जो गर्मी में
कभी बारिश हो जाती है
कसम से हर दिल्लीवासी को
बहुत राहत पहूँचाती है!

पिछले जनम में दिल्ली ने
जाने क्या किए थे पाप
कि भगवान ने गुस्से में दिया
ऐसी भयानक गर्मी का श्राप! 🙁

Posted by on July 6, 2009.

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Categories: Environment, Kids' Corner, Travelogue/Places, हिन्दी/Hindi Posts

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