Durbhagya Se: Hindi poem on India’s Problems

Written by vik

Topics: हिन्दी/Hindi Posts

This is a quick Hindi poem by Rashwet written in late December 2012.

It laments the corruption, poverty, media, inflation and the bad governance and government.
दुर्भाग्य से इस देश में गैस, पेट्रोल उत्पाद , और बिजली की कीमते काफी कम है I [Manmohan Singh, at NDC meeting, Dainak Jagran 28.12.12]

दुर्भाग्य से इस देश में अभी भी विदेशी ताकते मजबूत है ,
दुर्भाग्य से इस देश में गरीबी , भ्रष्टाचार , अशिक्षा अभी तक समस्या बने हुए है ,
दुर्भाग्य से इस देश में राष्ट्रीय सर्वसमता से पहले समूह , वर्ग , जात , धर्म तादात्म्य प्रधान है ,
दुर्भाग्य से इस देश में नब्बे प्रतिशत जनता ‘मूर्ख ‘ है ,
दुर्भाग्य से इस देश में ‘सीता ‘ सड़को पे हुई बदनाम है ,
दुर्भाग्य से इस देश में ‘मीडिया’ बिका हुआ है ,
दुर्भाग्य से इस देश में ‘इलीट क्लास ‘ भौतिकता का गुलाम है, ‘मिडिल क्लास ‘ गुलाम बनना चाहता है,
दुर्भाग्य से इस देश में ‘सुकरात ‘ वाली ‘डेमोक्रेसी’ है ,
दुर्भाग्य से इस देश में कठपुतली शाशन है
सौभाग्य से इस देश में अभी अभी भी जिंदा बचे हुए तिलक, भगत और ‘आजाद’ है I

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