Rajneeti: Hindi POem on Politics

This Hindi poem is written after the experience and disillusionment with Arvind Kejriwal and his Aam Aadmi Party. It narrates frustration: the tale of how power corrupts (they changed so much after their 67 seats). This is also a Hinglish poem (it uses some English words) on Politics, rajneeti, Kejriwal, Aam AAdmi Party, human nature. This poem is also useful for those looking for slogans in politics, rhymes, poems on Indian democracy and so on. Also see this video where Kejriwal gives a weird explanation of Swaraj. Poem copyrighted to Vikas.

राजनीती एक खेल है
जहां इंसानियत फेल है
जहां कहते कुछ हैं, करते कुछ हैं
जहां सच्चाई को मिलती जेल है |

जहां पवार के पीछे सब दीवाने
जहां चीज़ों के हैं नए मायने
जहां हर कोई बदल जाता है
बस ‘समय’ का हो जाता है !

समाज के लिए काम करना
जुलूस, मोर्चा, आन्दोलन, धरना,
सब धरा रह जाता है
जब कोई राजनीती में आ जाता है }

बस पावर, सत्ता अनमोल है
किसी और चीज का नहीं मोल है
सत्ता के लिए कुछ भी करेंगे
राजनेता बस कुर्सी को ही धरेंगे !

चुनाव से पहले चंद्रमुखी थे
चुनाव बाद ज्वालामुखी दिखे
पहले मस्त हाथी थे, कभी न रुके
अब कदम भी रखे, तो पहले फूंके !

पहले आप समझदार थे
अप ‘आप’ चालाक हैं
आपके हाव भाव देख
पूरी दुनिया अवाक है !

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