माँ – Poem on Mother

Written by vik

Topics: हिन्दी/Hindi Posts

This poem is on Ma or Mother. It talks of how a mother is a child’s first teacher, go-to resource, friend, philosopher, guide. Mother is the expert for a child. She is a child’s Google or Wikipedia or her library. She raises kids making big sacrifices but never feels bad about it; she is always selfless. This Hindi poem will also be useful as slogans (naara, ma pe kavita), rhymes, creative lines, essay, on mother for kids (a good number of kids and mothers come on this site looking for poems for school work, home work, elocution contests, Mother’s day poems).

यह कविता माँ पे है
जो कितना ख़याल करती है
बच्चों के लिए जीती है
उन्हीं के लिए मरती है |

माँ हमारे लिए खाना बनाती
माँ हमें सबकुछ सिखाती
गणित, पहाडा, ए बी सी डी
माँ बच्चों को खूब पढाती |

माँ ही पहली टीचर है
स्कूल बाद में आता है
बच्चा माँ के हाथों ही
काफी कुछ सीख जाता है |

माँ बच्चे का ख़याल रखती
उसका पूरा देखभाल करती
उसी के लिए जीती-मरती
सारे दुःख हंस के सहती |

उसके लिए खाना पकाती
उसे प्यार से खाना खिलाती
उसके बटन टांक देती
उसके कपडे धो डालती |

बच्चा माँ को तंग है करता
रोता है, नींद से जगाता है
इतनी सारी उलझनों पे भी
माँ को बस प्यार आता है |

माँ बच्चे का पहला कंप्यूटर
माँ बच्चे की पहली किताब
हर बच्चे की गूगल, विकिपीडिया
लाये उसके हर सवाल का जवाब |

बचपन के चंचल मन में
जब भी सवाल आता है |
तो हर शिशु के जेहन में
बस माँ का ख़याल आता है |

बच्चा पूछे हजार सवाल
माँ सबका दे जवाब
बच्चे की हर बदमाशी सहती
कहती उसको ‘छोटे नवाब’ !

माँ ही टीचर, माँ ही विद्यालय
माँ ही किताब, माँ ही पुस्तकालय,
माँ ही दोस्त, माँ ही ज्ञान
इतिहास, भूगोल, समाज शास्त्र, विज्ञान |

माँ नखरे उठाये मानो हैं वो ‘बेटे हुजूर’
खिलाये उसे खाना प्यार से घूर-घूर
लोरी सुनाए वो है अंखियों का नूर —
‘चंदामामा दूर, पर पुए पकाए गुड़’ !

‘मदर्स डे’ का इन्तेजार न करो
हर पल माँ का ख़याल करो |
उसका दूसरा बचपन जब आये
तो उसका जीवन खुशाहाल करो |

माँ तो हर दिन ‘बाल दिवस’ मनाती है
पर उसकी याद हमें ‘मदर्स डे’ पे आती है !
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7 Comments Comments For This Post I'd Love to Hear Yours!

  1. Eduncle says:

    Nice poem on mother, keep it up…

  2. krishna raj says:

    wonderful poem ! I love my mother a lot. keep writings such poems

  3. sneha v says:

    liked but ihad wriiten more beeter but i dnt know how to publish

  4. Mahesh Yadav says:

    Very nice poem sir on “Maa”.. great keep it up!!

  5. deepa says:

    Miss you mom. very well said. Maa ki yaad aa gayi.. very sweet peom. thanks

  6. Ravi says:

    very nice poem. keep posting. u got me emotional

  7. Vinod Juneja says:

    Thanks for sharing nice poem like it